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मिड – डे मिल योजना के तहत कार्यरत रसोईयो का मासिक वेतन 2,000, रूपये से कम

भारत सरकार द्वारा 8 राज्यों में 3 केन्द्र शासित प्रदेशों में इन कर्मचारियों को साल 2009 से ही महत्त्व ₹1000 की वेतन मिल रहा है जबकि कई संदीय समितियों ने बरसों से इसमें बढ़ोतरी का सिफारिश भी की है। हमारे इस आर्टिकल के साथ आप बने रहिए।राज्यसभा सांसद सत्यनारायण जटिया की अध्यक्षता वाले न्यासी बोर्ड ने 15 दिसंबर को संसद में अपनी रिपोर्ट पेश की। यह व्यक्त करता है कि दोपहर की दावत में काम करने वाले रसोयों का मुआवजा एक राज्य से दूसरे राज्य में बदल जाता है। किसी को जगह कम, किसी को ज्यादा। कुछ जगह मुआवजा समय पर नहीं मिलता है। Mid Day Meal Scheme, mid day meal website, mid day meal programme, Sarkari Yojana, मिड डे मील योजना

प्रतिभाशाली विशेषज्ञों के लिए केंद्र के कानून द्वारा अनुमत न्यूनतम वेतन 350 रुपये प्रतिदिन है। रसोइयों को हर महीने 10,000 रुपये मिलने चाहिए। केरल में रसोयों को 9500 रुपये का मुआवजा मिलता है। कई राज्यों में सिर्फ एक हजार रुपये ही मिलते हैं जो कि बीच से तय होता है। इसे वही बनाना बेहतर है। केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें कानून द्वारा अनुमत न्यूनतम वेतन मिले जिसकी रिपोर्ट की गई है।

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मानदेय दोगुणा किया जा सकता है

बता दें कि इस समय देश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का खाना बनाने वाले रसोइयों को करीब 1000 रुपये मानदेय दिया जाता है. यह कुछ राज्यों में अलग है। वर्तमान में सार्वनिक प्राधिकरण इसे दो गुना कर सकता है उदाहरण के लिए 2000 रुपये। आपको बता दें कि स्कूलों में लेट मॉर्निंग डिनर बनाने वालों में 90% महिलाएं होती हैं। यह खबर शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से आई है। हमारी सहयोगी साइट sarkari yojana अनुसार, सार्वजनिक प्राधिकरण जल्द ही इस तरह से एक घोषणा कर सकता है।

10 साल से कोई वेतन में वृद्धि नहीं होगा

गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन की तैयारियों का मानदेय केंद्र व राज्य सरकार मिलकर दें। वर्तमान में केंद्र सरकार जहां 600 रुपये देती है, वहीं राज्य सरकार 400 रुपये देती है। यह जरूरी है कि इन रसोइयों के मानदेय में हाल के 10 वर्षों में कोई विस्तार नहीं किया गया है। हाल ही में, पंद्रहवें वित्त आयोग ने उनके मानदेय का विस्तार करने के लिए निर्धारित किया था।

Overview of Mid Day Meal Yojana?

योजना का नाम Mid Day Meal Scheme
आरम्भ की गई केंद्र सरकार द्वारा
वर्ष 2022
लाभार्थी प्राइमरी श्रेणी के छात्र
लाभ बच्चों के लिए
श्रेणी केंद्र सरकारी योजनाएं
Official Site Click Here

12 करोड़ युवाओं को दिया भोजन

लोक प्राधिकरण मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ उनके प्रस्तुतिकरण पर काम करने के लिए लेट मॉर्निंग डिनर तैयार करने की व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। इसलिए वे दोपहर के भोजन को अधिक पौष्टिक बना सकते हैं। अभी तक इस योजना के तहत देश में करीब 12 करोड़ युवाओं को भोजन दिया जाता है।

1995 में शुरू हुआ

यह योजना 15 अगस्त 1995 को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी। पहले इसे 2000 से अधिक ब्लॉक के स्कूलों में क्रियान्वित किया गया था। इसके बाद उत्तरोत्तर वर्ष 2004 में देश भर के सरकारी स्कूलों में यह योजना शुरू की गई। वर्तमान में इस योजना को देश के सभी आवश्यक और सरकारी स्कूलों में क्रियान्वित किया गया है।

5 लाख के बीमा का लाभ मिलेगा

500 मंदिर दो सारी एंपोर्न और हेयर कैप के अलावा सरकार की ओर से 500000 तक की बीमा दिया जा रहा है हर रसोई को 500000 तक के बीमा का भी लाभ मिलेगा। इसके लिए तैयार की जा रही है जल्द ही सभी रसोइया का बीमा भी करा दिया जाए

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मिड डे मील मीनू 2021  (मध्याह्न भोजन योजना मेन्यू) (Food Menu)

  • मिड डे मील योजना का मकसद बच्चों को पोषण भरा खाना देना है ताकि उनका विकास अच्छे से हो सके. सरकार द्वारा बच्चों को किस तरह का खाना दिया जाएगा उसके लिए भी गाइडलाइंस तैयार की गई हैं.
  • गाइडलाइन के मुताबिक कक्षा एक से पांच तक के हर बच्चे को दिए जानेवाले खाने में कैलोरी की मात्रा 450 और प्रोटीन (ग्राम में) की मात्रा 12 तक होनी चाहिए. जबकि छठी से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र को दिए जानेवाले खाने में कैलोरी की मात्रा 700 और प्रोटीन (ग्राम में) की मात्रा 20 होनी चाहिए.

मिड दे मील योजना साप्ताहिक आहार तालिका

खाना कितना मात्रा में दिया जाएगा (ग्राम में)
चावल / गेहूं 100 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

 

 

150 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

दाल 20 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

 

 

30 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

सब्जियां 50 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

 

75 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

तेल और वसा 5 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

 

 

7.5 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

मिड डे मील स्कीम का मेनू

हमारे देश के सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन के लिए केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित मेनू :-

खाना कितना मात्रा में दिया जाएगा (ग्राम में)
चावल / गेहूं 100 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए 150 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए
दाल 20 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए 30 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए
तेल और वसा 5 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए 7.5 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए
सब्जियां 50 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए 75 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

मिड डे मील योजना का बजट

हम सभी जानते हैं कि यह केंद्र सरकार की मिड डे मील योजना है और इसे पूरे देश में लागू किया गया है, इसलिए इसका बजट भी बहुत बड़ा रखा गया है। सरकार ने इस बढ़ती महंगाई को देखते हुए मिड डे मील योजना का बजट में बढ़ा दिया है और अब खाने में हरी सब्जियों को भी शामिल कर लिया गया है। इससे पहले सरकार के माध्यम से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की थाली की कीमत 3.11 रखी गई थी, जिसे जुलाई से बढ़ाकर 4.65 कर दिया गया है और इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्रों के लिए थाली अनिवार्य कर दी है, और इस बजट के तहत हरी सब्जियां रखने के भी आदेश जारी किए गए हैं।

मिड डे मील योजना के नियम

इस योजना के तहत सरकार के माध्यम से जारी दिशानिर्देशों में हम सिर्फ उन्ही दिशानिर्देशों के बारे में बताएगे जो आपको एक आवश्यक रूप से ज़रूरी है।

  • एमडीएम दिशानिर्देश के अनुसार, बच्चों को परोसे जाने से पहले कम से कम एक शिक्षक सहित 2-3 वयस्कों को मध्याह्न भोजन का स्वाद चखना होगा।
  • मिड डे मील योजना के दिशानिर्देश हर एक बच्चा जो प्राथमिक विद्यालय में पढता है, उसको एक दिन में 3. 86 पैसे दाल, चावल, फल, मिठाई, गैस सबकुछ मिलाकर खर्च करना होगा, और जो उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढता है उस पर रूपये 5.78 खर्च करना होगा।
  • इस योजना के तहत जारी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर दिशानिर्देशों के अनुसार, परोसने से ठीक पहले एक शिक्षक द्वारा भोजन का स्वाद चखना अनिवार्य है। जिसका रिकॉर्ड रखा जाना है। इसके अलावा, एसएमसी सदस्य को भी शिक्षक के साथ रोटेशन के आधार पर भोजन का स्वाद लेना होगा।
  • एक शिक्षक के चखने के अलावा, कम से कम एक माता-पिता और दो जो एसएमसी सदस्य हो सकते हैं या नहीं हो सकते हैं, छात्रों को भोजन परोसने के दौरान उपस्थित होना चाहिए ताकि वे भोजन का स्वाद चख सकें और साथ ही बच्चों की संख्या को प्रमाणित कर सकें। Mid Day Meal Scheme, mid day meal website, mid day meal programme, Sarkari Yojana, मिड डे मील योजना, , Mid Day Meal Scheme, mid day meal website, mid day meal programme, Sarkari Yojana, मिड डे मील योजना,  Mid Day Meal Scheme, mid day meal website, mid day meal programme, Sarkari Yojana, मिड डे मील योजना,  Mid Day Meal Scheme, mid day meal website, mid day meal programme, Sarkari Yojana, मिड डे मील योजना, 

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